15 अगस्त 1989 को राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) जिले के ग्रामीण अंचल में उच्च शिक्षा का पदार्पण शासकीय महाविद्यालय के रूप में हुआ । राजनांदगांव से लगभग 30 कि.मी. दूर ‘‘गौरव ग्राम’’ से सम्मानित घुमका में इस महाविद्यालय की स्थापना हुई । प्रारंभ में शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला के 2 कमरों में यह महाविद्यालय प्रारंभ हुआ । संस्कारधानी के शिक्षाविद् एवं हिन्दी साहित्य के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. गणेश खरे ने स्थापना काल के प्राचार्य का दायित्व संभाला । शासन ने हरडुवा मार्ग पर महाविद्यालय के लिए 15.89 एकड़ जमीन आबंटित की जहाँ विशाल भवन का निर्माण हुआ । 2007 में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री माननीय डॉ. रमन सिंह जी ने महाविद्यालय भवन का लोकार्पण किया । कला एवं वाणिज्य संकाय के साथ प्रारंभ हुआ । यह महाविद्यालय अपनी स्थापना के 25वें वर्श में प्रवेश कर रहा है ।